मेघ पोलिटिक्स की ये website मेघ भगत समाज मे राजनीतिक चेतना पैदा करने की एक कोशिश है ! इस से हम आपने मेघ समाज को बताना चाह्ते हैन की हमारा समाज आज राजनीतिक तोर पर भी काफी उचाइयान छु रह है !हम सभ को इस देश मे राजनीतिक शक्ति प्राप्त कर्ने की कोशिश करनी चाहिए ता की हमारे समाज की आर्थिक हालत मे सुधार आए! पंजाब में विधान सभा के चुनाव का बिगुल बज चूका है ! इस बार भी मेघ समाज को सभी राजनितिक पार्टिओं ने पार्टी टिकेट्स नहीं दी ! जालंधर वेस्ट विधान सभा क्षेत्र में सिवाए भारतीय जनता पार्टी व बहुजन समाज पार्टी के पुरे पंजाब में किसी और पार्टी ने टिकेट नहीं दिया ! अब सवाल ये उठता है कि मेघों को क्या करना चाहिए ? इस का सीधा सा जवाब ये है कि मेघ समाज को पंजाब में में आपनी शक्ति दिखने के लिए सभी आरक्षित सीटों पर खुद इलेक्शन लर्न चाहिए !महारथी वो होता है जो युद्ध में आपने हित के लिए लड़ता है ! मेघ समाज को आपने अस्तित्व के लिए इस बार ज़रूर कुछ करना चाहिए वर्ना आने वाली मेघ नस्लों को हम क्या जवाब देंगे ! भगत महासभा कि और से पूरा जोर लगाया जा रहा है कि मेघ समाज पंजाब में अजादाना तोर पर सभी रेसेर्वे हलकों पर आपने उमीदवार उतारे !

Choudhary Nathu Ram Megh MLA Candidate from Malout,Punjab

Tuesday, January 31, 2012


Sunday, January 22, 2012


जालंधर वेस्ट के एम् एल ए उमीदवार से सावधान रहने की सख्त ज़रुरत

Saturday, January 21, 2012

जालंधर वेस्ट के एम् एल ए उमीदवार से सावधान रहने की सख्त ज़रुरत है ! ये वोही आदमी है जिसने २००७ के चुनाव के बाद भगत महासभा को धोखा दिया था ! 
हमारे जालंधर वेस्ट के एम् एल ए पांच साल तक बी जे पी या आर एस एस कि बातें करते हैं जब इलेक्शन आते हैं तो मेघ समाज को एक हो जाने कि आवाजें देने लगते हैं ! जब तक ऐसे हमारे राजनितिक लोग होंगे तब तक मेघ समाज का भला नहीं हो सकता ! जब कभी कहीं किर्या या मेघ समाज में जाते हैं तो वहां जय कबीर कहने में इन्हें शर्म आती है इनकी जुबां से सिर्फ जय श्री राम ही निकलता है ! ऐसे लोग मेघ समाज को यूज़ करके आपना फ़ायदा सोचते हैं ऐसे राजनितिक लोगों से सावधान रहने की ज़रुरत है
१. इनको पूछो पांच सालों में कितनी बार जालंधर में स्टेट लेवल कबीर जयंती प्रोग्राम किया है और कितने लोगों को इक्कठा किया है
२. १२० फीट सड़क पर वाल्मीक भाईचारे और रामदासिया भाईचारे को सरकार ने धार्मिक भवन दिए है इन्होने कबीर भवन के लिए लड़ाई क्यों नहीं लड़ी !
३. भार्गव नगर में बोहुत से लोग के मकानों कि आज तक कीमत नहीं लगी इस के लिए इन्होने क्या किया !
४. जब भगत महासभा पंजाब में मेघ समाज को इक्कठा करने कि कोशिश करती है तो इसकी विरोधिता क्यों करते हैं !

जालंधर वेस्ट में मेघ समाज क्या करे ! वर्तमान एम् एल ए उमीदवार दुआरा २००७ के चुनाव के बाद भगत महासभा के साथ किया धोखा

Wednesday, January 18, 2012


जालंधर वेस्ट में मेघ समाज क्या करे !
वर्तमान एम् एल ए उमीदवार दुआरा २००७ के चुनाव के बाद भगत महासभा के साथ किया धोखा 
सतगुरु कबीर परकाश उत्सव मेला कोअर्दिनशन कमेटी कि कोशिशों के सदका १९९८ में बड़ी मुश्कत के बाद सतगुरु कबीर परकाश उत्सव पंजाब सरकार दुआरा मनाया गया जिसमें वर्तमान उमीदवार ने हमारे साथ बोहुत बड़ा धोखा दिया ! उस प्रोग्राम को कुछ भाजपा पार्टी के लोगों से मिलकर आपने कब्ज़े में ले लिया ! सभी मंदिर सभा के विरोध के बावजूद इन्होंने आपनी मान्मानी की वो कार्यक्रम फ़ैल हो गया ! इस बात का सबूत आप २८ जून १९९८ के सभी अखबारों में देख सकते हो ! 
सरकार ने मेघ समाज को सतगुरु कबीर भवन के लिए जगा दी और पैसा भी दिया फिर मेघ समाज को इन्होने धोखा दिया जो ट्रस्ट बना उसमे आपने सभी रिश्तेदार दाल लिए जिनका सतगुरु कबीर की मूवमेंट के साथ दूर का भी संबंद नहीं था ! आज १५ साल बीत जाने के बाद भी उस भवन  पर "सतगुरु कबीर कोमिनिटी हाल नहीं लिखा गया ! उस भवन का मेघ समाज को कोई हिसाब किताब नहीं है ! 
         २००७ के चुनाव में फिर मेघ समाज ने इन लोगों पर विश्वाश किया ! भगत महासभा ने आपने साड़ी ताक़त इनको जिताने के लिए लगा दी ! विजय संपला जैसे लोगों को प्रेस कांफेरेंस के माद्यम से जवाब दिया की ये सीट मेघ समाज की है ! भगत महासभा ने इनको बिना शरत मदद की !  होटल शेखों ग्रांड में एक बोहुत बड़ा इक्कठ किया और ये इलेक्शन जीत गए ! इलेक्शन जितने के बाद दुसरे दिन से ही आपने नज़रें बदलनी शुरू कर दी १ भगत महासभा की कभी याद नहीं आयी हमारे सारे काम रुक गए ! हमे तबादला तक के लिए पैसे देने पड़े ! क्या ज़रुरत हैं ऐसे मेघ समाज के एम् एल ए का जो हमारे समाज के लिए कुछ नहीं कर सकता ! भगत महासभा ने इनके सपुत्र को मंत्री बनवाने के लिए बटाला में पंजाब लेवल का मेघ समेलन किये जिसमे हजारों की तादात में मेघ समाज पहुंचा मिडिया ने इस प्रोग्राम को काफी कवर किया ! आपने सपुत्र को कबिनेट रंक का मंत्री बनवा लिया उस वक़्त भी भगत महासभा की कभी याद नहीं आयी ! भगत महासभा दुआरा किये गए कामों की साड़ी सूचना आप २००७ के सभी अखबारों में देख सकता हो !
मोजूदा एम् एल ए दोआरा जिस तरह भगत महासभा से धोखा किया इससे ये बात बिल्कुत साफ़ हो जाती है की ऐसे लोगों को मेघ समाज को मुं  नहीं लगाना चाहिए  ताकि आने वाले समय में कोई नेता मेघ समाज को धोखा देने की हिम्मत न करे !


MEGH SAMAJ COME OUT AGAINST CONGRESS CANDIDATE FROM JALANDHAR WEST

Tuesday, January 10, 2012


कुछ मेघ लीडर नहीं चाहते थे की मेघों में जाग्रति आये

आज से तीस साल पहले जब हमने मेघ समाज में आपना आन्दोलन शुरू किया तो उस वक़्त मेघों में झूठ का परचार हो रहा था ! कुछ मेघ लीडर नहीं चाहते थे की मेघों में जाग्रति आये ! उस वक़्त हमे काफी मुश्कलों का सामना करना पड़ा ! हमारे समाज के राजनितिक लोग मेघ समाज को बेवकूफ बना कर पांच सालों के लिए एम् एल ए,एम् सी बन जाते हैं उसके बाद वो मेघ समाज को भूल जाते हैं ! 
आज भी जालंधर में ऐसा ही कुछ खेल हो रहा है ! मेघ समाज के लोगों को मेघ उमीदवार ये कह रहे हैं की हमे आपने उमीदवार को वोट डालना चाहिए ! कोई ऐसे उमीदवारों से ये क्यों नहीं पूछता की आपने पिछले पांच साल में मेघ समाज के लिए क्या किया है ! हमारे सभी राजनितिक लोग राजनितिक पार्टिओं के पिछलगू हैं ! मेघ समाज की कोई बात नहीं करता ! हमारे किसी राजनितिक लीडर को मेघ समाज के इतिहास के बारे में कोई जानकारी नहीं है ! पांच साल तक ऐसे लीडर आपको दिखाई नहीं देते ! ऐसे राजनितिक लोगों का आपना कोई धंदा नहीं है !राजनीती ही उनकी रोज़ी रोटी है ऐसे मेघ समाज के लीडर मेघ समाज का भला नहीं कर सकते ! 
कुछ लोग भगत महासभा दुआर किये जा रहे कामों को जानबूज कर दुष्ट परचार करते हैं ! उनको भगत महासभा के किये  अछे कामों को भी लोगों को बताना चाहिए ! भगत महासभा की सभी सेवाएँ मुफ्त हैं और भगत महासभा ऐसी सेवाओं को चलने के लिए किसी से पैसा नहीं मांगती ! मेघ भगत समाज को मोका परस्त लोगों से सावधान रहने चाहिए जो इलेक्शन के दिनों में आते हैं और पांच साल तक मेघ समाज के लिए कुछ नहीं करते ! 

मैं एक साधारण मेघ भगत हूँ.

Monday, January 9, 2012

www.meghpolitics.in
मैं एक साधारण मेघ भगत हूँ. मेरा समुदाय स्वतंत्रता के बाद से ही एक राजनीतिक दल को वोट देता आया है. लेकिन महसूस करता है कि उस दल ने आज तक किसी मेघ भगत को चुनाव लड़ने के लिए चुनावी टिकट नहीं दिया. न उसने किसी मेघ भगत को प्रोत्साहित किया कि वह उस दल की ओर से अपने समुदाय में संगठनात्मक कार्य करे.

अब समुदाय के रूप में सोचना होगा कि जिस राजनीतिक दल यानि कांग्रेस के साथ हम पूरी प्रतिबद्धता के साथ जुड़े रहे हैं, यहाँ तक कि इमरजेंसी के दौरान और बाद में भी, उसने इस समुदाय को राजनीतिक पहचान देने के बारे में सोचा तक नहीं. यह समय अब मेघ भगत समुदाय के सोचने का है कि अब कांग्रेस के साथ वफ़ादारी निभाना में समझदारी है या नहीं. कहते हैं कि प्रेम उसी से करना चाहिए जो प्रेम की क़द्र कर सके. अब इस अखाड़े के कई लोगों की राय है कि आगामी चुनावों में उक्त राजनीतिक दल के किसी उम्मीदवार को वोट नहीं देना चाहिए.

कोशिश करें कि किसी भी ऐसे उम्मीदवार को वोट दें जिसे कोई अन्य राजनीतिक दल मान्यता दे रहा हो या जिसे हमारे भगत महासभा जैसे सामाजिक संगठन बेहतर उम्मीदवार समझते हों. इसे अपनी राजनीतिक जागरूकता के रूप में देखें और एकता का प्रदर्शन करें. यही जादू है जो वोट की राजनीति में चलता है.
 

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